जानिए खोया बनाने की सबसे आसान तकनीक कोनसी है और इसके कितने प्रकार है?

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    जानिए खोया बनाने की सबसे आसान तकनीक कोनसी है और इसके कितने प्रकार है?

    त्यौहार के समय मिठाई का सेवन सबसे अधिक होता है जो की इस समय को और भी खास और महत्वपूर्ण बनती है | खोया की बिक्री इस समय में बहुत ही तेज़ी से बढ़ती है जो की Milk Processing Plant का कारोबार कर रहें हो उनके लिए बहुत ही अहम साबित होता है | यदि आप अपने डेयरी व्यवसाय को बढ़ाना चाहते हैं तो Khoya making machine को अपने डेयरी प्लांट में स्थापित करवाएं | चाहे आप Ghee Plant का कारोबार कर रहे हैं, अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए आपको khoya making business की तरफ भी झुकाव करना बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है |

    अधिकतर लोग खोया को बनाने का घर पर परियास करते हैं पर उसे सही तरीके से बनाने में सफल नहीं हो पाते | इसे के चलते हमने इस ब्लॉग में खोया बनाने का सबसे आसान तरीका बतया है | आपको इन दो बातों का बहुत ही ज़्यादा ध्यान रखना होगा:

    • मावा तब अच्छे से बनता है जब आप भैंस की फुल क्रीम का इस्तेमाल करें

    • खोया के इस्तेमाल से बहुत ही अलगअलग मिठाइयाँ बनती हैं, जैसे की दानेदार बर्फी, लाडू, पेड़े, और बहुत सारी चीज़ें

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    खोया का इस्तेमाल बहुत ही अहम माना जाता है

    कल दिवाली है और हमारे आसपास एक अलग ही रौनक और मुस्कान लोगों के चेहरे पर देखी जा सकती है | यह एक ऐसा समय जिसका सभी लोग न की सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया के अलग हिस्सों में बहुत ही बेसब्री से इंतज़ार करते हैं | यदि आप इसको घर पर बनाने का परियास करना चाहते हैं ताकि आगे जाकर आप इसको अच्छे से संभाल सकें तो आपको यह ब्लॉग में बहुत ही अहम् बत्तों का पता लगेगा | खोया का इस्तेमाल सिर्फ मिठाईयाँ बनाने में ही नहीं होता बल्कि यह कई सब्जियों में भी इस्तेमाल की जाती है | इसके साथ ही खोया अलगअलग प्रकार से भी मार्किट में आप लें सकते हैं |

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    बट्टी खोया

    बट्टी खोया में कड़ा एंड जमा हुआ खोया होता है | खोया दूध को गाढ़ा करके बनाया जाता है | बट्टी खोया को बनाने के लिए इसको तब तक गाढ़ा किया जाता है जब तक इसका सिर्फ और सिर्फ पांचवा हिस्सा न रह जाए | जब खोया त्यार हो जाता है तो उसके कटोरे में जमा देते हैं | अधिकतर तोर पर बट्टी खोया का इस्तेमाल बर्फी एंड लाडू बनाने के लिए किया जाता है |

    चिकना खोया

    चिकना खोया, बट्टी खोया जितना तो गाढ़ा नहीं होता है क्यूंकि उस स्टेज पर पहुँचने से पहले ही इसको त्यार मान लिया जाता है | इसके इस्तेमाल से रसगुल्ला बहुत ही ज़्यादा नरम और स्वादिष्ट बनता है |

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    दानेदार खोया

    इस तरीके का खोया बनाने के लिए दूध में निम्बू दाल दिया जाता है, जिससे की वह दानेदार जैसा बन जाता है | इस तरीके के खोया का इस्तेमाल कलाकंद, पेड़े, लड्डू और दानेदार बर्फी बनाने के लिए होता है |

    खोया बनने की परिक्रिया

    दूध में उबाल आने दे और उसको धीमी आंच पर करीब 3 से 4 मिनट के लिए चलते रहे | दूध जब हलवे की तरह गाढ़ा होने लग जायगा तो आपको पता लग जयगा की

    यह त्यार हो रहा है | गैस को बंद कर दें और इसको थोड़ा धंदा होने दें | आपको इसको फ्रिज में रखकर करीबन 3 से 4 दिन तक इस्तेमाल कर सकते हैं |

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